सुजानगढ़ के विकास पुरुष फुलचंद जी जैन की हवेली ।।आजादी के बाद सुजानगढ़ के विकास में फुलचंद जी जैन का अभूतपूर्व योगदान रहा है,ये 1962 एंव 1972 में सुज…
और पढ़ेंचोपड़ा पुस्तकालय जहां एक समय में सोने की नक्काशी की हुई पुस्तके हुआ करती थीं , इसका लोकार्पण बीकानेर के महाराजा गंगासिंह जी के द्वारा किया गया था,कुछ…
और पढ़ेंसुजानगढ़ की हवेलियों की जब भी बात आती है तो लोगो के जुबान पर जिस हवेली का नाम सबसे पहले आता है वो है मूँधड़ा जी की हवेली ।।इसका मुख्य कारण यही है कि …
और पढ़ेंसुजानगढ़ में उतनी हवेलियां देखने को नहीं मिलती जितनी की लाडनूं और चूरू में देखने को मिलती हैं , जो थोड़ी बहुत हवेलियां यहां मौजूद हैं उनका उस तरह से …
और पढ़ेंकठोतिया जी की हवेली के बारे में बहुत कुछ सुना हुआ था, लेकिन कभी देखने का मौका नहीं मिला, लेकिन जब देखने का मौका मिला तो सावन का अंधा हो गया , कभी कल्प…
और पढ़ेंसुजानगढ़ के अधिकतर लोगों को शायद ही इस हवेली के सम्बन्ध में पता हो...
कुछ साल पहले राजस्थान ग्रामसेवक की परीक्षा में प्रश्न भी पूछा गया था कि दानचंद च…